शनिवार, 19 अक्तूबर 2013

विभागीय गतिविधियां .....

चित्रकला विभाग
अभूतपूर्व 
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भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नवोदित कलाकारों के चयन हेतु महाविद्यालयों के युवा कलाकारों की भारतीय रिजर्व बैंक  की युवा कला प्रतियोगिता के लिए चित्रकला विभाग के दो विद्यार्थियों को चुना गया जिनका फ़ाइनल सेलेक्शन दिनांक 16 नवम्बर 2016 को नई दिल्ली स्थित परिसर किया गया। जिसमें देशभर से आये 65 युवा कलाकारों के मध्य से फाईनल में हमारे दो विद्यार्थी तृप्ति अग्रवाल और रानी राय हिस्सा लेने अपनी मूल कलाकृतियों के साथ पहुंचे ! जिनमें से कुल 24 को चुना गया जिसमें अन्ततः एम.ए. तृतीय सेमेस्टर चित्रकला की छात्रा रानी राय की एक पेंटिंग "विदाई"  को भारतीय रिजर्व बैंक के संग्रह के लिए विशेषज्ञों द्वारा सेलेक्ट किया गया।  रानी रॉय चयनित होकर इस प्रतिभागिता में  शरीक हुयी है। 

देश के कला महाविद्यालयों से हज़ारों की संख्या में आयी प्रविष्टियों का मूल्याङ्कन तीन चरण की विशेषज्ञों की पैनी दृष्टि से गुजरते हुए अंततः किया गया जिसमें मेरी छात्रा को भारतीय रिजर्व बैंक के संग्रह में स्थान मिला है।  यद्यपि किसी कलाकृति की विशेषताएं ही उसके साथ होती हैं जिसके लिए अनिवार्यतः होता है सही मार्ग दर्शन और साथ होता है उस विद्यार्थी का कौशल और उसकी निष्ठा ! परंतु यह विद्यार्थी जब हमें मिलता है तब उसे बहुतेरे सुविधाजनक कला मार्ग से गुजरा हुआ हमारे यहाँ (चित्रकला विभाग) आता है जिसे न तो रूप रंग रेखा और कला तत्व की जानकारी होती है और न ही शैली और तकनीक की ! जब हम लगते हैं इनकी गलतियों को मिटाने और स्थायी सत्य से रूबरू कराने तब अनेकों विद्यार्थी इस विषय को ही छोड़ जाते हैं, जो इसमें लग जाते हैं वे कुछ न कुछ कर गुजरते हैं। 

भारतीय रिजर्व बैंक में हमने देखा हमारे विद्यार्थियों की इस विधि (वाश पद्धति) में बनी हुयी कलाकृतियों को देश का युवा कलाकार बहुत ही कौतुहल के साथ तो देख ही रहे थे साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक के कर्मचारियों से लेकर उनके आफिसर तक की भी दृष्टि इनपर टिकी हुयी थी और अंततः यह कलाकृति जब भारतीय रिजर्व बैंक की सम्पदा बनी तो जो सुख एक गुरु को अपने विद्यार्थी की निपुड़ता से मिलना चाहिए वह जो उसकी (कलाकृति) कीमत से हज़ारों गुना सर्वथा अधिक था। मैं विश्वविद्यालय अपने महाविद्यालय के प्रबंधतंत्र, प्राचार्य, कर्मचारियों के साथ इस युवा पीढ़ी के विद्यार्थियों का शुक्रगुजार हूँ जो श्रम लगन और इस आधुनिकता के दौर में निरंतर अपने श्रम से हम सबका मान बढ़ाने में संलग्न हैं। 

उसी पल की कुछ छवियां। 

डा.लाल रत्नाकर 
अध्यक्ष 
चित्रकला विभाग 
एम.एम.एच.कालेज गाजियाबाद








 आतिथि 
के लिए देश के बुद्धिजीवियों में कितना लगाव है जिसके आकर्षण से वे इधर खींचे आते हैं जो हम अपना और अपने विद्यार्थियों का सौभाग्य ही समझते हैं। इसका उदहारण के यहाँ  कुछ चित्र लगा रहा हूँ, देश के जाने माने कथाकार श्री शिवमूर्ति जी जब गाज़ियाबाद आये तो उन्होंने कुछ सरकारी कामों के बाद का समय मेरे विद्यार्थियों के मध्य दिया है जिसका लाभ विद्यार्थियों को जीवन के हर मोड़ पर अवश्य मिलेगा !
9 अगस्त 2016




"गाजियाबाद के एमएमएच कॉलेज का कला विभाग किसी आर्ट गैलरी में होने सा एहसास करा गया. विद्यार्थियों की कला में प्रतिभा का जो विस्फोट नजर आया, वह अद्भुत है. मैं अंदाजा लगा सकता हूं कि इसके पीछे विभागाध्यक्ष डॉ. लाल रत्नाकर समेत संकाय के सदस्यों की कितनी मेहनत लगी होगी. आप सभी को बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं. "


दिलीप मंडल
पूर्व मैनेजिंग एडिटर, इंडिया टुडे


जब चित्रकला विभाग में विशेष प्रतिभा के लोग आते हैं तो विभाग के बच्चों के साथ उनका परिचय बहुत ही महत्त्व पूर्ण हो जाता है आज के मेहमान थे श्री दिलीप मंडल (वरिष्ठ पत्रकार)इंडिया टुडे के पूर्व संपादक और कला समीक्षक ! साथ में आज के परीक्षक और प्राचार्य डॉ कमल वीर जी !


सत्र 2015 -16   की  नवीन गतिविधियाँ 



कला प्रदर्शनी 

चित्रकला विभाग वार्षिक प्रदर्शनी फ़ाइनल के विद्यार्थियों के चित्रों की करता है जिसके लिए जो 
कैटलॉग तैयार किया जाता है उसका स्वरूप कुछ इस तरह का होता है! 







क्ले का डेमो करते हुए !








पिछले दिनों नाक की टीम ने  
चित्रकला विभाग का निरीक्षण  किया उस समय लिये गए चित्र 

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समय समय पर चित्रकला विभाग कला के विद्वानों एवं विदुषियों के  चित्रकला और उनके समबन्धों पर आयोजित करता रहता है।  इसी क्रम में डॉ तारा गुप्ता (उप निदेशक ; शिक्षा विभाग, दिल्ली सरकार व् निदेशक गन्धर्व महा विद्यालय ) ने आज 11 फरवरी 2015 को चित्रकला और संगीत के अंतर्संबंध पर व्याख्यान की।  इस अवसर पर डॉ प्रकाश चौधरी भी उपस्थित रहे।

पुरष्कृत व चयनित
मेरे विद्यार्थियों की कलाकृतियां :
कमेलिन २०१४ के पूर्वी क्षेत्र में मनोज बालियांन पुरष्कृतऔर शोभा पाल चयनित 
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आजकल 
मास्टर के नए विद्यार्थी अपने कार्यों में तत्परता के साथ लगे हुए हैं 

नए सत्र के विद्यार्थी अपने कामों में तेजी से मशगूल हो गए हैं 

प्रदर्शनी का आयोजन सत्र - 2014 

बाएं के क्रम से (खड़े हुए) राकेश कुमार गुप्ता (परिचर) रूबी -II,शबनम हलीम,ऋषि पाल (II सेम) परवेज, प्रदीप कुमार यादव (प्रयोगशाला सहायक) शोभा पाल, शालू, रोहित कुमार, सुवर्चा, चंचल, सुषमा एवं रूबी -II 
बाएं के क्रम से (बैठे हुए) बबली, सोनम त्यागी, नेहा अग्रवाल, डॉ. हेमंत कुमार राय (प्राध्यापक) डॉ. लाल रत्नाकर (अध्यक्ष) सविता, अर्चना रानी और लता। (नसीम और रामकुमार नहीं हैं )
2014 - 2015 के सत्र का आरम्भ 5 अगस्त 2014 से हो गया है !
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आजकल  (2013 - 2014) द्वितीय और चतुर्थ  सेमेस्टर के विद्यार्थी अपने कार्यों (संयोजन में) मशगूल हैं। 






इसबार (2013 - 2014) प्रथम और त्रितीय सेमेस्टर कि परीक्षाएं साथ करानी पड़ीं 
संयोग ही था कि परीक्षक गण साथ साथ आये उन्ही के साथ विभाग के त्रितीय सेमेस्टर के विद्यार्थी 
और हमलोग। 

डिमास्ट्रेशन एम ए त्रितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों को -डॉ।  लाल रत्नाकर 

आज कल एम् ए  के विद्यार्थी अपने कार्यों में मशगूल हैं ;

आज दिनांक ; ०४ दिसंबर २०१३ को महाविद्यालय से डॉ कामना  यादव  के नेतृतव में आर जी कालेज मेरठ में आयोजित अन्तर्रमहाविद्यालयी ललित कला प्रतियोगिता में चित्रकला के विद्यार्थियों ने निम्न प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और अपनी उपस्थिति के साथ जिन पुरस्कारों को हासिल किया वे निम्नवत हैं ;इन छात्रों के साथ हम आभारी हैं डॉ.कामना यादव के भी की उन्होंने अपना बहुमूल्य समय दिया है .


  1.  चित्रकला           कु. नेहा अग्रवाल     एम.ए. त्रितीय सेमेस्टर              प्रतिभागिता  
  2.  कोलाज़             कु. शोभा पाल        एम.ए. त्रितीय सेमेस्टर              प्रथम  
  3.  पोस्टर                  कु. शबनम             एम.ए. त्रितीय सेमेस्टर              तृतीय   
  4.  रंगोली              कु. बबली             एम.ए. त्रितीय सेमेस्टर              प्रतिभागिता 
  5.  कार्टून              कु.भारती सोम        एम.ए. प्रथम  सेमेस्टर              प्रतिभागिता 
  6.  इंस्टॉलेशन        1- कु.हर्षिता तिवारी  एम.ए. प्रथम  सेमेस्टर              तृतीय   
  7.  इंस्टॉलेशन        2- कु.तरु दीक्षित      एम.ए. प्रथम  सेमेस्टर               तृतीय  


"स्नातकोत्तर चित्रकला के फ़ाइनल के विद्यार्थियों की प्रदर्शनी का आयोजन 
दिनांक-८ अक्टूबर से १० अक्टूबर २०१३ तक ." छात्रों से उनके चित्रों के बारे में जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी गाज़ियाबाद .



गुरुवार, 17 मई 2012

चित्रकला विभाग अपनी गतिविधियों के साथ

कला प्रदर्शनी 
दिनांक; 08 से 10 अक्टूबर 2013 तक 
प्रातः 12 बजे से सायंः 05 बजे तक दर्शकों हेतु खुली रहेगी ।
झलकियाँ 


चतुर्थ सेम के विद्यार्थी  क्ले का कार्य करते हुए 

पेंटिंग के कुछ विद्यार्थी अपने चित्रों के साथ 
इस म्यूरल को बनाया है कु. प्रीती चतुर्थ सेम 2013 की छात्रा ने

इस  फोटो को  विभाग के परिचर राम कुमार ने खींचा है .

अखिल भारतीय कला उत्सव गाजियाबाद-2013 में वालेंण्टियर के रूप में सहभागी रहे विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित करते हुए प्राचार्य डा.आर.एम.जौहरी एवं डा.ए.के. जैन व  डा. मुकेश कुमार जैन  - डा.लाल रत्नाकर, अध्यक्ष

अखिल भारतीय कला उत्सव गाजियाबाद-2013
में देश के अनेक प्रदेशों के चित्रकारों ने शिरकत की
पर तारक गरइ प्रख्यात मूर्तिकार कोलकाता  से  हैं, इन्होने दिनांक-14-03-2013
को महाविद्यालय आकर चित्रकला के छात्रों से रूबरू हुए और एक क्रिएटीव  पोर्ट्रेट किये जिससे छात्रों में
एक नयी चेतना का संचार हुया की व्यक्ति चित्र के अलावा
समुदाय का पोर्ट्रेट कैसे बनाया जा सकता है.
इस अवसर पर उन्हें धन्यवाद ज्ञापित करते हुए डॉ.लाल रत्नाकर,अध्यक्ष,चित्रकला विभाग
Date-14-03-2013


कला जन्मजात होती है अभ्यास से उसमें निखर आता है .
अतः मौलिक अभिव्यक्ति ही कला की श्रेणी में आती है।
डॉ.लाल रत्नाकर  अध्यक्ष  चित्रकला विभाग 

Shri Jiten Hazarika